
संघ के शताब्दी वर्ष के इस ऐतिहासिक कालखंड में समाज जीवन के व्यापक संपर्क अभियान से यह स्पष्ट हो रहा है कि भारत का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
आज हिंदू समाज संगठन, जागरण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। समाज के प्रत्येक वर्ग में सकारात्मक परिवर्तन और राष्ट्रीय चेतना का विस्तार दिखाई दे रहा है।
भारत का भविष्य जिस कंधे पर है, वह हिन्दू समाज संगठित हो रहा है और जागृत हो रहा है।
-पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी

