लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता रहे कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ एक बार फिर चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने एक बयान में कल्याण सिंह का जिक्र करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती के उस रुख को याद किया, जब उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि दी थी।
सीएम योगी ने कहा कि मायावती ने भी ‘बाबूजी’ कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी थी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद एक बार फिर कल्याण सिंह की राजनीतिक विरासत और उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनके योगदान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
यूपी की राजनीति में कल्याण सिंह का रहा बड़ा प्रभाव
कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीति के उन प्रमुख नेताओं में शामिल रहे, जिन्होंने लंबे समय तक प्रदेश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित किया। वह दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और भाजपा के प्रमुख चेहरों में उनकी गिनती होती थी।
राजनीतिक जीवन में उन्हें ‘बाबूजी’ के नाम से खास पहचान मिली। अयोध्या आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में भी प्रमुख चेहरा बनाया। उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका प्रभाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर प्रदेश के अन्य हिस्सों तक देखने को मिला।
मायावती के श्रद्धांजलि देने का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में मायावती द्वारा कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दिए जाने का उल्लेख किया। इस संदर्भ ने प्रदेश की राजनीति में पुराने राजनीतिक घटनाक्रम और नेताओं के बीच रहे सार्वजनिक संबंधों को फिर चर्चा में ला दिया है।
कल्याण सिंह के निधन के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। उनके निधन पर राजनीतिक गलियारों में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
21 अगस्त 2021 को हुआ था निधन
कल्याण सिंह का निधन 21 अगस्त 2021 को हुआ था। उनके निधन के बाद भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ताजा बयान में ‘बाबूजी’ कल्याण सिंह का जिक्र होने के बाद उनकी राजनीतिक विरासत एक बार फिर सुर्खियों में है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में कल्याण सिंह की भूमिका, उनके फैसलों और लंबे राजनीतिक सफर को लेकर चर्चा का दौर जारी है।

