मेरठ-पानीपत न्यू रेलवे लाइन पर आई सबसे बड़ी अपडेट! 🚆
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तस्वीर बदलने वाली बहुप्रतीक्षित मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन परियोजना को लेकर अब बेहद अहम और आधिकारिक जानकारी सामने आ चुकी है। वर्षों से जिस रेल लाइन का इंतजार किया जा रहा था, अब उसका रास्ता धीरे-धीरे साफ होता दिखाई दे रहा है।
📍 यह नई ब्रॉड गेज रेल लाइन मेरठ को सीधे पानीपत से जोड़ेगी और वेस्ट यूपी के लाखों लोगों को दिल्ली के लंबे चक्कर से राहत मिलेगी।
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📌 क्या है ताज़ा अपडेट?
✅ DPR में हो रहा बड़ा बदलाव
रेलवे बोर्ड के निर्देश पर इस समय परियोजना की Detailed Project Report (DPR) और रूट लेआउट में संशोधन किया जा रहा है।
पहले इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग ₹3540 करोड़ आंकी गई थी, लेकिन अब इसे स्वीकृत ₹2200 करोड़ के बजट के अनुसार व्यवस्थित किया जा रहा है ताकि परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
✅ निर्माण कार्य की संभावित समयसीमा तय
सरकारी India Investment Grid (IIG) पोर्टल के अनुसार इस लगभग 104 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन पर ग्राउंड लेवल कार्य 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
✅ जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण
संशोधित रूट को रेल मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मिलते ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी और धारा-4 की अधिसूचना जारी की जाएगी।
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📌 प्रस्तावित रूट और स्टेशन
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🚉 उत्तर प्रदेश की तरफ प्रस्तावित स्टेशन:
दौराला जंक्शन ➡️ सरधना ➡️ मुल्हेड़ा ➡️ बुढ़ाना ➡️ जौला ➡️ गढ़ीराजपुर ➡️ एलम जंक्शन
🚉 हरियाणा की तरफ प्रस्तावित स्टेशन:
गंगेरू ➡️ तित्तरवाड़ा ➡️ बापौली ➡️ शिमला गुजरान ➡️ पानीपत (दीवाना जंक्शन)
यह रेल लाइन मेरठ और पानीपत के बीच एक नया सीधा रेल कॉरिडोर तैयार करेगी, जो आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास की रीढ़ बन सकता है।
परियोजना के फायदे
🚄 यात्रा होगी तेज और आसान
अभी मेरठ से पानीपत जाने के लिए दिल्ली होकर लंबा रूट लेना पड़ता है या सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। नई रेल लाइन बनने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
📦 व्यापार और उद्योग को मिलेगा बड़ा फायदा
पानीपत का टेक्सटाइल और हैंडलूम उद्योग सीधे मेरठ के खेल सामग्री, कपड़ा और व्यापारिक बाजारों से जुड़ जाएगा। इससे माल परिवहन तेज, सस्ता और आसान होगा।
🚉 दिल्ली रेल ट्रैफिक पर पड़ेगा असर
मुरादाबाद, लखनऊ और पूर्वी यूपी की ओर से आने वाली कई ट्रेनें भविष्य में दिल्ली बाईपास करते हुए सीधे मेरठ-पानीपत होकर पंजाब और अंबाला की दिशा में जा सकेंगी। इससे दिल्ली मंडल पर दबाव कम होगा।